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#नेहनीड़ #motivated

 आप जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं इसलिये बड़ा सोचो और उसके लिये खूब मेहनत करो. खुद पर और ईश्वर पर विश्वास रखो,

जब ईश्वर आपको कुछ देना चाहते हैं तो अवसर देते हैं, उस अवसर का जो लाभ उठा लेते हैं वो जीवन में बड़ा काम कर जाते हैं. नेह नीड़ के रूप में इश्वर ने वही अवसर आप को प्रदान किया है.
उपरोक्त प्रेरणा दायी उद्बोधन हमारे बालकों के बीच आकर मुजफ्फरनगर जिले के वरिष्ठ जेल अधीक्षक श्री सीताराम जी ने दिया, बालक मंत्र मुग्ध होकर सुनते रहे. बाद में बालकों ने अपनी जिज्ञासाएं भी श्री सीताराम जी के समक्ष रखी जिनका उन्होने बड़े प्रेम से समाधान किया.
श्री सीताराम जी ने नेह नीड़ के आजीवन संरक्षक बनने का हमारा आग्रह भी स्वीकार किया.
नेह नीड़ परिवार की ओर से उनका बहुत बहुत आभार.
श्री सीताराम जी को नेह नीड़ के साथ जोड़ने वाले श्री राजीव शर्मा जी का तथा इस अवसर पर उपस्थित विख्यात फिजियोथेरेपिस्ट श्री सूरज सिरोही जी का भी आभार.
इस पोस्ट को पढ़ रहे सभी मित्रों से भी अनुरोध है कि अपने व्यस्त जीवन में से कभी समय निकाल कर हमारे नन्हें सितारों से मिलने अवश्य आयें.

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धन्यवाद टीम U We Can-Bringing Smiles

 ये जो बच्चों को इतने प्रेम से जूते पहना रहे हैं ये कोई जूता व्यवसायी नहीं हैं इनमें कोई स्कूल प्रिंसिपल हैं तो कोई सफल डाक्टर .इसमें सोफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं और साधारण गृहणी भी.  बस इन्हें छोटे छोटे कोमल पांवों को जिन्दगी के काँटों व पत्थरों से बचाने की एक धुन है . इसी धुन के चलते अभी तक वंचित बस्तियों में जा जाकर लगभग 2500 बच्चों के पांवों को जुते पहना चुके हैं.  कल का दिन इन्होंने नेह नीड़ को समर्पित किया.  धन्यवाद टीम U We Can-Bringing Smiles
🌸 बालिका विकास शिविर: आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की ओर एक प्रेरणादायक कदम 🌸 भूमिका एक अगस्त 2025 को नेह नीड़ परिसर में आयोजित हुआ बालिका विकास शिविर सच में एक ऐसा आयोजन था, जिसने हर प्रतिभागी बालिका के चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास की चमक जगाई। यह केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं था, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास और आत्मनिर्भर बनने का एक मंच था। पूरे परिसर में ऊर्जा और उमंग की भावना दिखाई दे रही थी। बालिकाएँ नए कौशल सीखने और अपने सपनों को पहचानने के लिए पूरी तरह उत्सुक थीं। कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ शिविर में मुख्य वक्ता मानस मर्मज्ञ पूज्य श्री अतुल कृष्ण भारद्वाज जी ने अपनी प्रेरणादायक बातें साझा की। उन्होंने बालिकाओं को आत्मविश्वास, नेतृत्व और आत्म-सुरक्षा के महत्व के बारे में समझाया। उनका संदेश स्पष्ट था—जब हम अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हैं और खुद को पहचानते हैं, तो कोई भी चुनौती मुश्किल नहीं होती। दिनभर के कार्यक्रम में कई दिलचस्प और ज्ञानवर्धक सत्र हुए: आत्मविश्वास सत्र: इस सत्र में बालिकाओं ने खुद पर भरोसा करना और अपनी छिपी क्षमताओं को पहचानना सीखा। आत्म-सुरक्षा कार्यशाला: ...